वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग…3 महीने से दुधमुंहे बच्चों से नहीं मिले, क्रिकेट के लिए हॉन्गकॉन्ग के खिलाड़ियों ने दी बड़ी कुर्बानी

21

हाइलाइट्स

एशिया कप में 31 अगस्त को भारत की टक्कर हॉन्ग कॉन्ग से होगी
हॉन्ग कॉन्ग की टीम में बिजनेसमैन से लेकर फूड डिलीवरी ब्यॉय तक शामिल
3 खिलाड़ी हाल में पिता बने लेकिन अपने बच्चों से मिलने नहीं जा पाए

नई दिल्ली. भारत और हॉन्ग कॉन्ग के बीच 31 अगस्त को एशिया कप (Asia Cup-2022) में टक्कर होगी. दोनों ही टीमें जीत के रथ पर सवार हैं. हॉन्ग कॉन्ग की टीम जहां क्वालिफायर जीतकर मेन ड्रॉ में आई है, वहीं भारत ने भी ओपनिंग मैच में पाकिस्तान को हराया है. ऐसे में मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है. हॉन्ग कॉन्ग तो वैसे भी 4 साल बाद भारत के खिलाफ कोई मुकाबला खेलेगा. पिछली बार दोनों टीमें का मुकाबला 2018 में एशिया कप में ही हुआ था. इसके बाद भारत और हॉन्ग कॉन्ग का यह दूसरा मैच होगा.

हॉन्ग कॉन्ग की टीम बीते 3 महीने से लगातार क्रिकेट खेल रही है. खिलाड़ियों के पास इतनी फुर्सत भी नहीं कि वो अपने दुधमुंहे बच्चों से मिल पाएं. हॉन्ग कॉन्ग के तीन खिलाड़ी बाबर हयात, एहसान खान और यासिम मुर्तजा तो हाल ही में पिता बने हैं. लेकिन, क्रिकेट के कारण सिर्फ वीडियो कॉल पर ही अपने बच्चों को देखा है.

इसे भी देखें, अफगानिस्तान ने नजीबुल्लाह और मुजीब के दम पर बांग्लादेश को रौंदा, शान से सुपर-4 में एंट्री

हॉन्ग कॉन्ग की टीम पिछले तीन महीनों में, नामीबिया, युगांडा और जर्सी (आईसीसी इवेंट के लिए), दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड (प्रैक्टिस के लिए), जिम्बाब्वे (टी20 विश्व कप क्वालीफायर के लिए), ओमान (एशिया कप क्वालीफायर के लिए) रुकी है और अब एशिया कप के लिए यूएई पहुंची है. जहां ग्रुप-स्टेज में उसका मुकाबला भारत और पाकिस्तान से होगा. यानी क्रिकेट खेलने के लिए हॉन्ग कॉन्ग के खिलाड़ियों ने काफी कुछ कुर्बान किया है.

कोच भी खिलाड़ियों से समर्पण से प्रभावित
कोच ट्रेंट जॉनसन भी हॉन्ग कॉन्ग के खिलाड़ियों के समर्पण और खेल को लेकर जुनून के कायल हैं. उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा, ‘हमारे स्क्वॉड में शामिल ज्यादातर खिलाड़ियों को क्रिकेट हॉन्ग कॉन्ग से जो पैसा मिलता है, वो इतना नहीं है कि उनका घर चल सके. इसलिए खिलाड़ियों को दूसरे काम भी करने पड़ते हैं. ऐसे में खिलाड़ियों के पास क्रिकेट खेलने के लिए सीमित वक्त ही होता है. उसमें हम जो बेहतर तैयारी कर सकते हैं, उसे करने की कोशिश करते हैं.’

कार पार्किंग, घर पर की हॉन्ग कॉन्ग के खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग
जॉनसन आयरलैंड की क्रिकेट टीम के कप्तान रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘कोरोना के दौर में हमने 6 बार लॉकडाउन देखा. 1 साल तक खिलाड़ी ट्रेनिंग नहीं कर पाए. वो अपने घरों, कार पार्किंग और पार्क में वीडियो कॉल पर स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग सेशन में हिस्सा लेते थे. उन्होंने क्रिकेट के प्रति जो समर्पण दिखाया, वो अभूतपूर्व है. उन्होंने कभी किसी बात पर सवाल नहीं उठाया ना ही शिकायत की, बस वो ट्रेनिंग करते रहे.’

कई खिलाड़ी फूड डिलीवरी ब्वॉय का काम करते हैं
महामारी के कारण हमने क्रिकेट का काफी वक्त खो दिया. यह उन खिलाड़ियों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला रहा, जो क्रिकेट के अलावा परिवार चलाने के लिए दूसरे काम भी करते हैं.

HKG vs IND, Asia Cup: शुक्ला, त्रिवेदी और शाह… हॉन्ग कॉन्ग के इन खिलाड़ियों से टीम इंडिया को बचना होगा!

कोच जॉनसन ने आगे कहा, ‘हमारे तीन या चार खिलाड़ी क्रिकेट की प्राइवेट कोचिंग देते हैं. वो क्लब से भी जुड़े हुए हैं. टीम के ज्यादातर खिलाड़ी फूड डिलीवरी बॉय का काम करते हैं. टीम के उप-कप्तान किंचित शाह का हीरे का कारोबार है. स्कॉट मैक्नी का अपना बिजनेस है, तो इनके पास क्रिकेट खेलने के लिए ज्यादा वक्त रहता है. युवा तेज गेंदबाज आयुष शुक्ला यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं. कुछ खिलाड़ी दूसरी नौकरियां कर रहे हैं.

इन सभी ने बीते 3 महीने में क्रिकेट खेलने के लिए काफी त्याग किया है. उनकी पत्नियां, गर्लफ्रेंड और बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं. लेकिन, एक भी खिलाड़ी ने मुझसे यह नहीं कहा कि हमें घर लौटना है. यह लोगों के लिए बहुत मायने रखता है. हम एशिया कप में भारत और पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ खेलने के हकदार हैं. हम सिर्फ खेलने भर नहीं आए हैं. हम यहां उलटफेर करने की कोशिश करेंगे.’

Tags: Asia cup, Hindi Cricket News, Hong kong, Indian cricket, Rohit sharma

Previous articleबड़ी राहत! WHO ने कहा, यूरोप में धीमी हो रही है मंकीपॉक्स महामारी की रफ्तार
Next articleIND vs HK: भारत बनाम हॉन्ग कॉन्ग हेड टू हेड रिकॉर्ड, इन खिलाड़ियों पर रहेगी सबकी नजर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here