हरमनप्रीत कौर बोलीं, झूलन गोस्वामी की जगह भरना नामुमकिन, क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बेजोड़

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हाइलाइट्स

झूलन गोस्वामी 24 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी
झूलन की गिनती सबसे सफल तेज गेंदबाजों में होती है, 6 वर्ल्ड कप में खेलीं
हरमनप्रीत कौर ने बताया कि उनके डेेब्यू पर झूलन संभाल रही थीं कप्तानी

बेंगलुरु. भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट में झूलन गोस्वामी के योगदान को याद करते हुए कहा कि इस अनुभवी तेज गेंदबाज का खेल के प्रति जुनून बेजोड़ है. हरमनप्रीत ने कहा कि टीम में कोई भी उनकी जगह नहीं भर सकता है. पिछले 2 दशक से भारतीय गेंदबाजी की अगुआ रहीं झूलन 24 सितंबर को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में तीसरा और अंतिम वनडे मैच खेल कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी. झूलन के नाम पर अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है.

हरमनप्रीत कौर ने टीम के इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होने की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत में कहा, ‘वह प्रत्येक मैच में उसी तरह के जुनून के साथ उतरती हैं जो कि बेजोड़ है. कोई उनका मुकाबला नहीं कर सकता.’ हरमनप्रीत ने वर्ल्ड कप 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ झूलन गोस्वामी की कप्तानी में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. उनकी इस दिग्गज भारतीय तेज गेंदबाज के साथ कई यादें जुड़ी हैं जिनके नाम पर 201 वनडे में रिकॉर्ड 252 विकेट दर्ज हैं. झूलन इस फॉर्मेट में 200 से अधिक विकेट लेने वाली एकमात्र गेंदबाज हैं.

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हरमनप्रीत ने कहा, ‘जब मैंने पदार्पण किया था, तब वह कप्तान थीं. यह मेरे लिए शानदार मौका है कि जब वह अपना अंतिम वनडे खेलेंगी तो मैं कप्तानी का जिम्मा संभालूंगी. जब मुझे टीम में जगह मिली तो वह एकमात्र खिलाड़ी थी जो आगे बढ़कर नेतृत्व करती थी. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. कोई भी उनकी जगह नहीं ले सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘वह एक ऐसी खिलाड़ी हैं जो हमेशा एक ही तरह का प्रयास करती हैं. वह दो-तीन घंटे गेंदबाजी करती हैं. वह अब भी उसी तरह की कड़ी मेहनत करती हैं जैसे कि अपने शुरुआती दिनों में किया करती थी.’ हरमनप्रीत ने कहा, ‘आपको शायद ही कोई ऐसी गेंदबाज दिखे जो उनकी तरह नेट पर कड़ी मेहनत करता हो. क्रिकेट के प्रति उनमें जिस तरह का जुनून है वह किसी में नहीं है. एक क्रिकेटर के तौर पर और एक व्यक्ति के रूप में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. वह हम सभी के लिए बहुत अच्छा उदाहरण हैं. देश में कई खिलाड़ियों ने उनको खेलते हुए देखकर यह खेल अपनाया.’

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झूलन ने इस साल मार्च में न्यूजीलैंड में खेले गए वनडे विश्व कप में हिस्सा लिया था लेकिन वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के अंतिम ग्रुप मैच से पहले चोटिल हो गई थी. इस कारण वह जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भी नहीं जा पाई थी.

साल 2002 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वालीं झूलन ने 2018 में टी20 से संन्यास ले लिया था. इस तेज गेंदबाज ने अपना आखिरी टेस्ट मैच अक्टूबर 2021 में खेला था. झूलन ने कुल मिलाकर 12 टेस्ट, 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 201 वनडे खेले हैं. उन्होंने 6 विश्वकप में भाग लिया है.

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतने वाली भारतीय महिला टीम इंग्लैंड दौरे की शुरुआत 9 सितंबर को टी20 मैच से करेगी. भारतीय टीम तीन टी20 मैच खेलने के बाद इतने ही वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी. भारत लॉर्ड्स में झूलन के आखिरी वनडे से पहले होव (18 सितंबर) और कैंटरबरी (21 सितंबर) में वनडे मैच खेलेगा.

हरमनप्रीत ने कहा की झूलन के लिए यह अवसर विशेष बनाने के लिए टीम अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी. उन्होंने कहा, ‘हम इस बारे में बात कर रहे हैं कि यह उनका आखिरी टूर्नामेंट है. यह उनके लिए और हमारे लिए बेहद खास है. हम उनके लिए इसे यादगार बनाने की पूरी कोशिश करेंगे.’

Tags: Harmanpreet kaur, Hindi Cricket News, India Vs England, Indian women cricketer, Jhulan Goswami, Women cricket

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