किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि आपकी जिंदगी में जो भी हो रहा है उसके लिए सिर्फ और सिर्फ आप जिम्मेदार हैं जितनी जल्दी हो सके आप इस बात को आप समझ लेंगे उतनी जल्दी आपकी जिंदगी बेहतर होना शुरू हो जाएगी

जाकी रही भावना जैसी (Like Feeling) Best Inspirational Speech

जाकी रही भावना जैसी (Like Feeling) 

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है ओमेंद्र गुर्जर आज फिर से आप लोगों के लिए एक छोटी सी कहानी लेकर आया हूं एक नेता की आपने अपने जीवन में देखा ही होगा की नेताओं की कैसी आदत होती है कैसी लाइफ स्टाइल होती है हमेशा उनके आसपास लोग होते हैं अच्छा अच्छा, जी जी, यस सर यस सर लगे रहते हैं।

एक नेता जी थे जिनके साथ में भी ऐसा ही कुछ होता था हमेशा उनके आसपास लोग होते थे उनके गुण गाते थे एक दिन उन्हें किसी ने बताया कि अपने शहर से थोड़ा दूर एक आश्रम है वहां महात्मा जी रहते हैं बहुत प्रसिद्ध है उनके दूर-दूर राज्यों में भक्त हैं उनसे मिलने के लिए आते हैं आपको भी जाना चाहिए एक बार जाकर मिल लो।

नेताजी ने कहा चलो चल लेते हैं आशीर्वाद ले लेते हैं अगला चुनाव जीत जाएंगे इसी थॉट के साथ में चले गए। अपने साथ में भीड़ लेकर के कार्यकर्ता यह सब वो सब लेकर के आश्रम में पहुंचे तो वहां एकदम शांति थी शांत वातावरण। किसने बताया कि महात्मा जी का प्रवचन चल रहा है जो सामने हॉल दिख रहे हैं वहां पर चल रहे हैं।

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वहां पहुंचे तो एक छोटा सा कमरा था उसमें महात्मा जी प्रवचन कर रहे थे। नेता के साथ में 10-12 लोग थे साथ में भीड़ थी साथ में लेकर के गए थे साथ में सिक्योरिटी थी। नेताजी महात्मा जी के सामने जाकर खड़े हो गए और सोचने लगे महात्मा जी खड़े होंगे। मेरा स्वागत करेगा मेरे लिए चाय पानी नाश्ता का बंदोबस्त करेगा। क्योंकि नेता जी को ऐसी आदत थी लेकिन महात्मा जी पर कोई असर नहीं पड़ा।

महात्मा जी अपना प्रवचन करते रहे बातचीत करते रहे भक्तों के साथ में जैसे बैठे थे वैसे ही बैठे रहे नेता जी को लगा शायद महात्मा जी को मेरा पता नहीं चला नेताजी और आगे जाकर महात्मा जी के बिल्कुल सामने खड़े हो गए। लेकिन फिर भी महात्मा जी के कोई असर नहीं पड़ा तभी नेता जी ने ऊंची आवाज में बोला महात्मा जी आपसे मिलने आया हूं बात नहीं करोगे। महात्मा जी ने कहा कि बेटा सामने आ करके बैठ जाइए अभी हमको कुछ सवालों के जवाब देना है उसके बाद में आपसे बात कर लेंगे।

नेता जी ने ऐसा सुना तो नेताजी को गुस्सा आ गया अच्छा ऐसा है नेताजी को लग रहा था मेरे लिए आसन वगैरा आएंगे लेकिन मुझे बोला गया कि भीड़ में बैठ जाओ। नेताजी भीड़ में बैठे तो नेताजी का दिमाग खराब हो गया फिर नेताजी ने सोचा चलो 5:10 मिनट बैठ लेते हैं। 5-10 मिनट और इंतजार किया बाबा जी की बात खत्म नहीं हो तो अपना प्रवचन दे रहे थे अब की बार नहीं था और गुस्सा आ गया नींद आने का रे बाबा सुन तेरे पास में टाइम नहीं है और तेरे जैसे बहुत सारे ढोंगी देखे आश्रम खोल कर बैठा सब बंद करवा दूंगा लेकिन फिर भी महात्मा जी पर कोई असर नहीं पड़ा।

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और महात्मा जी ने कहा बेटा आपसे हमने कहा था ना कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं वह खत्म होते ही आपसे बात कर लेंगे आप आराम से बैठ जाइए नेताजी को और ज्यादा गुस्सा आ गया और कहने लगा 5 मिनट और देख लेते हैं क्या चल रहा है 5 मिनट के बाद में नेता जी ने फाइनली कहा महात्मा जी अब मैं जा रहा हूं यहां से जाने के बाद 10 दिन के अंदर यह मामला खत्म कर दूंगा जो चल रहा है।

सब खत्म मेरे साथ जो आपने आज बदतमीजी की है अगर आपको माफी मांगनी है तो मांग लो महात्मा जी उस नेता की तरफ पलटा और कहने लगे बेटा आप बहुत अच्छे इंसान आपसे मुझे कोई गिला शिकवा नहीं है और क्या माफी मांगना क्या आपने ऐसा कुछ नहीं किया नहीं हमने कुछ ऐसा किया जिससे हमें माफी मांगनी पड़े आप बहुत अच्छे इंसान हैं सज्जन आदमी हैं नेक दिल है। अपना ख्याल रखें और कभी आपको समय मिले तो आ जाइएगा मिलने के लिए।

ऐसा बोल कर के फिर से महात्मा जी अपना प्रवचन देने लगे बिल्कुल शांत और निर्मल स्वभाव के थे महात्मा जी। उधर पिताजी को लगा मुझे नेक दिल कह दिया मेरी तारीफ कर दी नेता वापस आ गया नेता को क्या चाहिए। वापस आए तो घर में देखा अपने पूज्य पिताजी को ध्यान में बैठे हुए थे जाकर के उनके पास बैठ गया जब पिताजी ध्यान से उठे तो उनको सारा किस्सा सुनाया पिताजी आज महात्मा जी से भी तारीफ सुनकर आया हूं।

नेताजी के पिताजी ने जो बात कही वह है काम की

नेता जी के पिताजी ने कहा बेटा महात्मा जी ने तुम्हारी तारीफ नहीं की उन्होंने तो वह कहा जो वह है और तुमने उन्हें जो सुनाया वह तुमने उन पर कोई आरोप नहीं लगाया तुमने वह कहा जो तुम हो तुमने कहा कि वह ढोंगी है पाखंडी है लोगों को मूर्ख बना रहे हैं पैसा लूट रहे हैं यह सब तो तुम कर रहे हो। उन्होंने तुम्हें कहा कि नेक ❤️ हो, सॉम्य हो, सज्जन हो ऐसे वह हैं हम जैसे होते हैं दुनिया हमें वैसे ही दिखाई देती है छोटी सी कहानी है लेकिन सार है -

जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी

जैसी आपकी भावना है जैसी नजरे वैसी आपको दुनिया देखने लगी है अगर आप पॉजिटिव सोचते हैं सब कुछ अच्छा लगेगा और आप नेगेटिव सोचते हैं अच्छे अच्छे लोगों में भी आपको बुराइयां दिखने लगेगी एक बार फिर से बोल रहा हूं।

कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा

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