वैरी रोमांटिक हार्ट टचिंग लव स्टोरी | Very Heart Touching Romantic Love Story - दोस्तों आज की यह लव स्टोरी बहुत ही रोमांटिक और हार्ट टचिंग है। अगर आप इस लव स्टोरी को अच्छी तरह से पढ़ेंगे तो आपको भी अपना प्यार जरूर याद आएगा। मैं आप से उम्मीद करता हूं कि यह लव स्टोरी आप सभी को बहुत पसंद आएगी। यह लव स्टोरी विक्रम नाम के लड़के और नेहा तथा अर्पणा नाम की दो लड़कियों की है। 

नेहा अपने परिवार में सबसे लाडली बेटी थी। उसके पिताजी चार भाई थे और चारों के बीच सिर्फ नेहा एक अकेली बेटी थी। बचपन से ही नेहा को पूरे परिवार का बहुत सारा प्यार मिला था। घरवालों के लाड दुलार की वजह से वह बहुत शरारती बन चुकी थी। नेहा बचपन से शरारत करती थी लेकिन उसकी हरकतों से कोई भी नाराज नहीं होता था। समय गुजरने के साथ नेहा की उम्र भी बढ़ रही थी। 

Very Heart Touching Romantic Love Story 

पूरे मोहल्ले की लाडली नेहा की उम्र लगभग 17 वर्ष से ऊपर हो चुकी थी। उस समय नेहा गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती थी। वह पढ़ाई में अच्छी खासी होशियार नहीं थी लेकिन शरारती होने की वजह से स्कूल की टीचर भी उससे कुछ कहने से डरती थी। स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही नेहा के दोस्ती विक्रम नाम के एक लड़के से हो जाती है जो उसी के गांव का था। उस समय क्लास के अर्धवार्षिक पेपर चल रहे थे तब विक्रम ने नेहा को पेपर के प्रश्न उत्तर के बारे में बताया था।

विक्रम नेहा को पहली नजर से ही पसंद करने लग गया था लेकिन कहने से डरता था। स्कूल के समय विक्रम नेहा की हर छोटी चीज पर नजर रखने लग गया। जिस दिन नेहा पढ़ाई करने के लिए स्कूल नहीं जाती तो विक्रम भी वापस अपने घर आ जाता था। अगर विक्रम एक भी दिन नेहा को नहीं देखता तो वह बहुत परेशान हो जाता था। वक्त गुजरने के साथ साथ दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो जाती है लेकिन दोस्ती करने से पहले नेहा ने विक्रम को स्पष्ट बता दिया था कि उनके बीच सिर्फ दोस्ती ही रहेगी। 

नेहा के घर पर बड़ी मां ही उसकी सबसे अच्छी दोस्त थी इसलिए वह अपनी सारी पर्सनल बातें बड़ी मां के साथ ही शेयर करती थी। वक्त के साथ-साथ नेहा शादी के लायक हो चुकी थी। अब अक्सर नेहा के घर में उसकी शादी की बात चलती रहती थी। जब भी घर में शादी की बात होती तो नेहा बहुत गुस्सा होने लग जाती थी और नाराज होकर अपने कमरे के अंदर जाकर सो जाती थी। एक दिन नेहा स्कूल से आई थी तब घर में उसके रिश्ते की बात चल रही थी। वह अपनी शादी की बात सुनकर बहुत नाराज हुई। 

अगले दिन जैसे ही स्कूल पहुंची तो उसने विक्रम को सारी बातें बता दी। नेहा की बात को सुनकर विक्रम को भी थोड़ा डर लगा लेकिन सोचने लगा कि अभी तो सिर्फ नेहा के घर वाले ही बात करते हैं। विक्रम ने नेहा से कहा - तुम्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है, अभी कोई लड़का तुम्हें देखने थोड़ी आया है। 

नेहा ने कहा - यार, वो बात तो सही है लेकिन अब मेरे घरवाले शादी की बात करते रहते हैं और मैं अभी शादी नहीं करना चाहती हूं। विक्रम ने जवाब दिया - तुम सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो। इस तरह बातचीत करते हुए दोनों क्लास के अंदर पहुंच जाते हैं।  

नेहा के घर रोजाना शाम के समय शादी की बातचीत होती रहती थी, जिसकी वजह से नेहा बहुत परेशान हो चुकी थी। फिर एक दिन नेहा और विक्रम ने प्लान बनाया और अपने प्लान के अनुसार ही नेहा ने अपनी बड़ी मां को विक्रम से प्यार करने के बारे में झूठ बोल दिया। इधर विक्रम सचमुच नेहा से प्यार करता था लेकिन कह नहीं पा रहा था। 

नेहा ज्यादा खूबसूरत तो नहीं थी लेकिन दोनों एक साथ रहने की वजह से विक्रम पसंद करने लग गया था। शाम के समय नेहा की बड़ी मां ने सबके सामने नेहा के प्यार के बारे में बता दिया। जब नेहा के घर वालों को पता चला कि वह विक्रम नाम के लड़के से प्यार करती हैं तो उन लोगों ने नेहा की खुशी के लिए विक्रम के साथ शादी करने का फैसला लिया। इस बात की जानकारी नेहा को बिल्कुल भी नहीं थी। 1 दिन नेहा के पिताजी और उनके बड़े भाई दोनों विक्रम के घर पहुंच गए हैं। 

नेहा के पिताजी ने विक्रम के पिताजी को दोनों के प्यार के बारे में बताया और वर्तमान समय को देखते हुए नेहा और विक्रम की शादी करने का फैसला लिया। विक्रम के पिताजी भी शादी की बात को नहीं टाल सके और उन्होंने अपने बेटे की शादी के लिए हां कर दी। 

कुछ दिनों बाद जब नेहा को इस बारे में पता चला तो वह विक्रम पर बहुत गुस्सा हुई और उन्होंने गुस्से में आकर विक्रम के गाल पर चांटा मार दिया। नेहा विक्रम से कहने लगी - मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि तुम मेरे साथ ऐसा करोगे। मैंने सिर्फ तुमसे प्यार करने का नाटक करने को कहा था लेकिन तुमने हकीकत में प्यार किया और मेरे परिवार वालों को शादी करने के लिए भी तैयार कर दिया। 

विक्रम ने कहा - मैं सच कह रहा हूं मुझे इस बार में बिल्कुल भी पता नहीं है और ना ही मेरे घर वालों ने हम दोनों की शादी के बारे में मुझे बताया है। 

नेहा गुस्से में आकर कहने लगती है - अच्छा अब बहुत समझदार बन रहे हो, अगर मुझे पता होता कि तुम ऐसे इंसान हो तो तुमसे दोस्ती भी नहीं करती। मैं कुछ भी नहीं जानती हूं, मेरे घरवालों से मना कर देना। मैं तुमसे शादी नहीं करना चाहती हूं। विक्रम कहने लगता है - नेहा यह बात सच है कि मैं तुमसे सच्चा प्यार करता हूं लेकिन हम दोनों की शादी के बारे में मैंने किसी से भी जिक्र नहीं किया था। 

तुम्हारे घरवालों ने तुम्हारी झूठ बोलने की वजह से मुझसे शादी करवाने का फैसला लिया था। नेहा ने कहा - मैं कुछ नहीं जानती हूं मेरे घर वालों से तुम मना कर देना और कह देना कि मुझे लड़की बिल्कुल भी पसंद नहीं है। 

इस तरह बातचीत होने के बाद नेहा और विक्रम की दोस्ती पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। नेहा के मना करने के बाद विक्रम बहुत परेशान रहने लग गया था। वह नेहा के परिवार वालों शादी करने से मना करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। एक दिन विक्रम ने अपनी मां को नेहा के झूठे प्यार के बारे में बताया और रोने लग गया। 

विक्रम ने अपनी मां से कहा - मां, मैं नेहा से शादी नहीं करूंगा क्योंकि वह मुझसे प्यार नहीं करती है और अगर पिताजी हमारी शादी करा देंगे तो वह मेरे साथ कभी खुश नहीं रहेगी। मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता कि नेहा मेरे साथ अपना जीवन दुखी रहकर गुजारे। इसलिए तुम पिताजी से मेरी शादी के लिए बिल्कुल मना कर देना। 

इतना कहने के बाद विक्रम अपने कमरे के अंदर चला जाता है और बैग में कपड़े पैक करने लग गया। उसके बाद विक्रम शाम के समय मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ कर मुंबई पहुंच जाता है। मुंबई जाने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करने लग जाता है। घर से आने के बाद विक्रम ने लगभग 6 माह तक कभी अपने घर जाने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा था। 

कंपनी में अच्छी खासी जॉब और सैलरी मिलने की वजह से विक्रम का रहन सहन भी पूरी तरह से बदल चुका था। विक्रम कंपनी में जॉब करने वाली लड़कियों के संपर्क में आने की वजह से नेहा को पूरी तरह से भूल चुका था।

लगभग 10 माह बाद विक्रम मुंबई से अपने घर पहुंचा। विक्रम के घर पर ताला लगा हुआ था। जब विक्रम ने पड़ोस वाली आंटी से अपने घर वालों के बारे में पूछा तो पता चला कि सभी लोग मंदिर गए हुए हैं। विक्रम अपने घर के दरवाजे के पास बैठ जाता है और अपने घर वालों के आने का इंतजार करने लगता है। 

कुछ देर बाद विक्रम के घर वाली वहां पहुंच जाते हैं और जैसे ही विक्रम की मां उसे वहां पर देखती हैं तो अपने गले से लगा लेती हैं। सफर लंबा होने की वजह से विक्रम काफी थक चुका था इसलिए वह नहा धोकर अपने कमरे में जाकर सो गए। 

अगले दिन विक्रम को मां ने बताया कि नेहा की शादी हो चुकी है। जब विक्रम को इस बारे में पता चला तो वह बहुत दुखी हुआ क्योंकि आखिरकार विक्रम ने नेहा से सच्चा प्यार किया था लेकिन नेहा विक्रम के प्यार को समझ नहीं पाई। गांव में अपने परिवार वालों के साथ 10-12 दिन गुजारने के बाद विक्रम फिर से मुंबई पहुंच गया। उसके बाद विक्रम उसी कंपनी में जॉब करने वाली लड़की अर्पणा से प्यार करने लग गया। अर्पणा भी विक्रम को बहुत प्यार करती थी। दोनों के प्यार को लगभग एक साल गुजरने के बाद विक्रम ने अपनी मां को अर्पणा के बारे में बताया। 

शहर की लड़की होने के बावजूद भी अर्पणा के अंदर किसी प्रकार का कोई घमंड नहीं था। वह साधारण जीवन जीना चाहती थी और इसीलिए उसने विक्रम से प्यार किया था। एक दूसरे को अच्छी तरह से पहचानने के बाद अर्पणा और विक्रम ने शादी करने का फैसला लिया। इन दोनों के प्यार के बारे में इनके घर वालों को अच्छी तरह से पता था। अच्छी खासी सैलरी मिलने के कारण विक्रम ने मुंबई में ही अपना खुद का मकान ले लिया था। कुछ ही दिनों बाद दोनों के घरवालों ने एक दूसरे से मुलाकात कर विक्रम और अर्पणा की शादी करवा दी। 

आज दोनों एक ही कंपनी में जॉब करते हैं और अपने जीवन में बहुत खुश है। शादी हो जाने के बाद विक्रम ने अपनी माता-पिता को भी मुंबई ले जाने का फैसला लिया। विक्रम और अर्पणा के काफी जिद करने के बाद विक्रम के माता-पिता भी मुंबई चले गए। आज विक्रम का पूरा परिवार मुंबई रहता है। अर्पणा भी विक्रम जैसे लड़के को अपना जीवन साथी बना कर बहुत खुश है।  

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