किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है कि अच्छे लोगों की ईश्वर परीक्षा बहुत लेता है लेकिन साथ कभी नहीं छोड़ता और बुरे लोगों को चाहे देता बहुत कुछ है लेकिन उनका साथ कभी नहीं देता।

कलियुग में सबका हिसाब अच्छे से होता है Motivational Story in Hindi 2022
Motivational Story in Hindi 2022

कलियुग में सबका हिसाब अच्छे से होता है 

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है ओमेन्द्र गुर्जर एक छोटी सी कहानी सुनाता हूं मजेदार सी एक बार एक भाई साहब की सरकारी स्कूल में नौकरी लगी। वो वहां पहुंचे तो आसपास उन्होंने देखा कि एक कस्बा था वहां से 5 किलोमीटर दूर उनका स्कूल था गांव में छोटा सा गांव था।

उसने कस्बे में कमरा ले लिया वहां से गांव तक जाना पड़ता था तो पैसे तो थे नहीं शुरुआत में तो वहां से पैदल पैदल जाते स्कूल और कभी कोई मिल जाती गाड़ी तो लिफ्ट मिल जाती और जब इनको कोई गाड़ी नहीं मिलती तो जब यह पैदल पैदल जा रहे होते हैं तो भगवान को दोष देते रहते हैं कहां पटक दिया कि हां कोई गाड़ी भी नहीं है साधन भी नहीं है।

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पर चलो ठीक है जैसा भी है आपने मुझे नौकरी तो दी तो एक दिन उसने सोचा की 1 दिन लिफ्ट मिल जाती है कभी नहीं मिलती है तो मुझे एक गाड़ी ले लेनी चाहिए। क्योंकि यदि मुझे यहां पर नौकरी करने हैं तो नौकरी के पैसों में से कुछ पैसे बचा बचा कर के मुझे गाड़ी खरीदनी ही पड़ेगी तभी जाकर मैं यहां नौकरी कर सकता हूं।

लोन पर बाइक उठा ली और बाइक लेने के बाद में एक चीज थी जो ये कभी नहीं भूले वो थे उसके शुरुआती दिन‌‌। जब ये जाते तो पैदल जाते थे कभी लिफ्ट मिल जाती और कभी-कभी पैदल भी जाना पड़ता था तो इन्होंने लोगों को हमेशा लिफ्ट दी। जब भी यह कस्बे से गांव की ओर जाते थे तो रास्ते में जो भी मिलता उनको यह बैठा कर ले जाता था।

तो धीरे-धीरे लोग इन्हें अच्छी तरह जाने लग गए और लोगों को पता था कि इनकी बाइक पर लिफ्ट हमें जरूर मिल जाएगी तो जब स्कूल से जाते तब भी किसी ना किसी को बैठा कर ले जाते थे।

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1 दिन मास्टर जी जब गांव से निकले तो कोई इनके साथ में था नहीं कस्बे के लिए जाने वाला है तो मास्टर जी सोचने लगे आज तो खाली जाना पड़ेगा तभी एक नेक इंसान दिखाई दिया उसे देखकर मास्टर जी बहुत खुश हुए और सोचने लगे क्या बात है आज भी मेरे साथ गाड़ी पर कोई जाएगा ही जाएगा।

मास्टर जी ने हमेशा की तरह उस दिन भी उसके सामने जाकर गाड़ी रोक दी और उस आदमी को बैठा लिया उस आदमी ने कहा मुझे कस्बे तक छोड़ देना तो मास्टर जी ने कहा क्यों नहीं चलो मैं कस्बे में ही जा रहा हूं तो आपको भी छोड़ दूंगा। 

थोड़ा सा आगे जाने के बाद उस व्यक्ति ने मास्टर जी की पीठ पर चाकू लगा दिया और बोला कि चुपचाप गाड़ी रोक दे गाड़ी में लेकर जाऊंगा तू पैदल जा। सर जी को लगा कि इनके साथ तो लूट हो गई तभी मास्टर जी ने बोला भाई साहब आप जो भी है लेकिन किसी को बताना मत कि यह गाड़ी आप ने चोरी की है नहीं तो लोगों का विश्वास उठ जाएगा क्योंकि इस रास्ते पर वैसे ही बहुत कम साधन है।

तो लोग लेफ्ट देना बंद कर देंगे तो आप किसी को बोलना मत कि आपने गाड़ी इस रास्ते से चुराई है और मैं भी किसी को नहीं बताऊंगा कि मेरी बाइक चोरी हो गई। तो आपको जहां ले जानी है गाड़ी वहां आप ले जाओ। जो आदमी चुरा रहा था गाड़ी वह सोचने लगा कि इतना सज्जन आदमी कितना अच्छा आदमी है फिर उसने सोचा भैया मेरा भी तो पेट पालना है।

तो बाइक चोर बाइक को लेकर भाग गया और मास्टर जी पैदल पैदल कस्बे की और अपने कमरे पर आ जाते हैं और फिर भगवान से कहने लगते हैं क्या कर दिया आपने यह अब आप ही संभालो। अगली सुबह जब मास्टरजी जगह तो दातुन करने के लिए बगीचे में गए तो मास्टर जी एकदम से चौंक गए क्योंकि उनकी बाइक वही खड़ी हुई थी।

और बाइक के साथ में एक चिट्ठी चिपकी हुई थी जो उसी चोर ने लिखी थी जो मास्टर जी से गाड़ी लेकर गया था मास्टर जी उस चिट्ठी को पढ़ने लगे और मन ही मन मुस्कुराने लगे क्योंकि उस चिट्ठी में लिखा हुआ था कि सर जी आपकी गाड़ी आप ही संभालो।

यह गाड़ी है कि अमिताभ बच्चन इस गाड़ी को और कोई पहचानता है सबसे पहले मैं कबाड़ी के पास लेकर गया तो उसने कहा अरे सर जी की गाड़ी है ये तो तुम क्या कर रहे हो तभी मैं कबाड़ी से जैसे-तैसे बहाना मार कर वहां से तो निकल आया लेकिन मुझे भूख लग रही थी तो मैं हलवाई की दुकान पर गया तो वहां भी हलवाई बाइक को देखकर कहने लगे अरे यह तो सर जी की बाइक है आप क्या कर रहे हो इसका तो मैंने वहां से भी कहा अरे सर जी ने सामान मंगाया है इसलिए लेकर आया हूं जैसे तैसे वहां से भी मैं फरार हो गया।

और थोड़ा आगे गया तो नाके पर पुलिस वालों ने रोक लिया और कहा अरे भाई यह तो सर जी की गाड़ी है आप इसे लेकर कहां जा रहे हो वहां भी बहाना बनाकर मैंने अपनी जान बचाई इसलिए आपकी गाड़ी आप ही संभालो मुझे तो नहीं चाहिए आप की गाड़ी। ऐसा लग रहा है कि बहुत बड़ी बॉलीवुड की पिक्चर का हीरो हैं सब जानते हैं इसको।

इन सब बातों को मास्टरजी पढ़कर जोर जोर से हंस रहे थे और सोच रहे थे वहां क्या बात है ऊपर वाले तूने यह क्या कर दिया मैंने आज तक किसी के साथ बुरा नहीं किया तो मेरे साथ कौन बुरा कर सकता है। 

दोस्तों यह एक छोटी सी कहानी है लेकिन दो बातें आपको सिखाती है एक तो यदि आप किसी के साथ बुरा नहीं करोगे तो कोई आपके साथ बुरा नहीं करेगा (जैसे आप के कारण हो गए वैसे ही आपको फल मिलेगा)

दूसरी बात आप उस पर भरोसा रखिए कभी भी आपका बुरा नहीं होने देगा जैसे मैंने बोला कि जो अच्छे लोग होते हैं उनकी वो परीक्षा बहुत लेता है लेकिन साथ कभी नहीं छोड़ता है। 


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