Aaj Ka Shabd Chitthi Naresh Saxena Famous Poem Giro Jaise Girati Hai Barf – आज का शब्द: चिट्ठी और नरेश सक्सेना की सुप्रसिद्ध कविता- गिरो जैसे गिरती है बर्फ़ ऊँची चोटियों पर

33

                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- चिट्ठी, जिसका अर्थ है- पत्र या खत। प्रस्तुत है नरेश सक्सेना की कविता- गिरो जैसे गिरती है बर्फ़ ऊँची चोटियों पर
                                                                                                
                                                     
                            

चीज़ों के गिरने के नियम होते हैं! मनुष्यों के गिरने के 
कोई नियम नहीं होते। 
लेकिन चीज़ें कुछ भी तय नहीं कर सकतीं 
अपने गिरने के बारे में 
मनुष्य कर सकते हैं 

बचपन से ऐसी नसीहतें मिलती रहीं 
कि गिरना हो तो घर में गिरो 
बाहर मत गिरो 
यानी चिट्ठी में गिरो 
लिफ़ाफ़े में बचे रहो, यानी 
आँखों में गिरो 
चश्मे में बचे रहो, यानी 
शब्दों में बचे रहो 
अर्थों में गिरो 

यही सोच कर गिरा भीतर 
कि औसत क़द का मैं 
साढ़े पाँच फ़ीट से ज़्यादा क्या गिरूँगा 
लेकिन कितनी ऊँचाई थी वह 
कि गिरना मेरा ख़त्म ही नहीं हो रहा 

आगे पढ़ें

37 minutes ago

Previous articleMan Posted As Deputy Legal Advisor In CBI Head Quarter Committed Suicide By Hanging In Delhi ANN
Next articleiPhone 14: नए iPhones पर क्यों बढ़ सकती है कीमत?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here